बीआरडी मेडिकल कॉलेज मरीजों के लिए बना वरदान: प्राचार्य की कुशलता से बढ़ा भरोसा।
गोरखपुर,
बाबा राघव दास (बीआरडी) मेडिकल कॉलेज, गोरखपुर मरीजों की सेवा में एक नया कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। प्राचार्य की कार्यकुशलता और त्वरित निर्णयों के चलते मरीजों को गंभीर बीमारियों में भी तेजी से राहत मिल रही है। पूर्वांचल के लाखों लोगों के लिए स्वास्थ्य का प्रमुख केंद्र बने इस कॉलेज में मरीजों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है, जो यहां की बेहतर सुविधाओं और भरोसे का प्रतीक है।
हेल्पलाइन और दैनिक निगरानी का असर
अस्पताल में हाल ही में शुरू की गई 24×7 हेल्पलाइन (नंबर: 9140135472) मरीजों के लिए वरदान साबित हो रही है। इसके साथ ही दैनिक निगरानी और राउंड की व्यवस्था ने उपचार को और प्रभावी बनाया है। प्राचार्य डॉ. राम कुमार जयसवाल ने कहा, “हमारा लक्ष्य हर मरीज को समय पर बेहतरीन इलाज उपलब्ध कराना है। दैनिक राउंड और निगरानी से हम सुनिश्चित करते हैं कि किसी भी मरीज की स्थिति पर पूरी नजर रहे और उसे तत्काल उपचार मिले। हेल्पलाइन आपात स्थिति में मरीजों के लिए संजीवनी बन रही है।” इस पहल से मरीजों और उनके परिजनों में संतुष्टि का भाव साफ झलक रहा है।
मरीजों और परिजनों की प्रतिक्रिया
हेल्पलाइन की शुरुआत के बाद से मरीजों ने इसे हाथोंहाथ लिया है। एक मरीज के तीमारदार रामेश्वर यादव ने बताया, “पहले इमरजेंसी में मदद के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता था, लेकिन अब एक फोन कॉल से सहायता मिल जाती है। शिकायतें और सुझाव देने की सुविधा भी शानदार है।” इसी तरह, 6 वर्षीय आयुषी सिंह, जो छत से गिरने के बाद गंभीर हालत में मेडिकल कॉलेज लाई गई थी, आयुषी को इलाज के बाद स्वस्थ कर घर भेज दिया गया। आयुषी के परिजनों ने डॉक्टरों की कार्यकुशलता की जमकर तारीफ की।
पारदर्शिता और जवाबदेही की मिसाल
बीआरडी मेडिकल कॉलेज का यह कदम न केवल मरीजों का भरोसा बढ़ा रहा है, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही को भी मजबूत कर रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह सुविधा खासकर गरीब और ग्रामीण मरीजों के लिए संजीवनी बन रही है, जो अक्सर संसाधनों की कमी से जूझते हैं। एक ग्रामीण, जयपाल ने कहा, “यह बदलाव स्वास्थ्य क्षेत्र में उम्मीद की किरण है। अब हमें लगता है कि हमारी सुनवाई हो रही है।”
एक नई उम्मीद की शुरुआत
हेल्पलाइन नंबर 9140135472 अब हर जरूरतमंद के लिए सहारा बन गया है। प्राचार्य डॉ. राम कुमार जयसवाल के नेतृत्व में कॉलेज ने मरीजों की सेवा को प्राथमिकता देकर एक सकारात्मक उदाहरण पेश किया है। यह पहल न केवल बीआरडी मेडिकल कॉलेज की साख को नई ऊंचाई दे रही है, बल्कि अन्य स्वास्थ्य संस्थानों के लिए भी प्रेरणा बन रही है। मरीजों के चेहरों पर मुस्कान और परिजनों की संतुष्टि इस बात का सबूत है कि यह मेडिकल कॉलेज वास्तव में उनके लिए वरदान साबित हो रहा है।















