भाजपा के नगर महामंत्री ने पूर्व डिप्टी सीएम और पूर्व जिला मंत्री ने मंडलायुक्त से की थी शिकायत।
-डीएम ने एडीएम की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समिति गठित कर प्रकरण की कराई जांच
-एनएचएम में महत्वपूर्ण पद पर कनिष्ठ लिपिक की कर दी गई थी तैनाती
-जांच रिपोर्ट के बाद सीएमओ ने कनिष्ठ लिपिक का पीएचसी देवकली में किया स्थानांतरण
-डीएम ने लिपिक का अन्य जनपद में स्थानांतरण किए जाने के लिए विशेष सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य को भेजा पत्र
-जांच से असंतुष्ट दूसरे शिकायतकर्ता भाजपा के पूर्व जिला मंत्री अब सीएम के दरबार में ले जाएंगे प्रकरण
उत्तर प्रदेश। संतकबीरनगर।
पूर्व डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा और मंडलायुक्त बस्ती से सीएमओ कार्यालय के एनएचएम विभाग में तैनात कनिष्ठ लिपिक के खिलाफ गंभीर आरोपों की हुई शिकायत की जांच डीएम की गठित तीन सदस्यीय टीम ने की। जांच समिति ने साक्ष्य के अभाव में कनिष्ठ लिपिक को क्लीन चिट दी है। वहीं इस प्रकरण के दूसरे शिकायतकर्ता भाजपा के पूर्व जिला मंत्री आनंद त्रिपाठी ने समिति की जांच पर सवाल उठाया है। समिति पर उनका पक्ष नहीं सुनने और साक्ष्य नहीं मांगे जाने का आरोप मढ़ा है। अब इसकी शिकायत सीएम के दरबार में ले जाने की तैयारी में है।
भाजपा के नगर महामंत्री विष्णु मिश्र ने सीएमओ कार्यालय के एनएचएम में तैनात कनिष्ठ लिपिक राकेश कुमार श्रीवास्तव के खिलाफ कई गंभीर आरोप लगाते हुए पूर्व डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा से शिकायत की थी। जबकि भाजपा के पूर्व जिला मंत्री एवं पूर्व सांसद प्रवीण निषाद के प्रतिनिधि आनंद त्रिपाठी ने मंडलायुक्त को प्रार्थना पत्र देकर कनिष्ठ लिपिक राकेश कुमार श्रीवास्तव के लिए गंभीर आरोप मढ़ते हुए जांच कराए जाने की मांग की थी। डीएम ने पूर्व डिप्टी सीएम और मंडलायुक्त से कनिष्ठ लिपिक की हुई शिकायत को गंभीरता से लेते हुए 17 अगस्त 2024 को प्रकरण की जांच के लिए एडीएम की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समिति गठित की। समिति में मुख्य चिकित्सा अधीक्षक संयुक्त जिला चिकित्सालय और जिला विकास अधिकारी को सदस्य नामित किया। समिति ने प्रकरण के जांच के क्रम में शिकायतकर्ता के शिकायती प्रार्थना पत्र पर शिकायकर्ता एवं आरोपी कनिष्ठ लिपिक राकेश कुमार श्रीवास्तव को सुना। दोनों पक्षों से प्रस्तुत साक्ष्यों का अवलोकन किया। जांच समिति के मुताबिक शिकायकर्ता विष्णु मिश्र ने सीएमओ के कार्यालय में तैनात कनिष्ठ लिपिक राकेश कुमार श्रीवास्तव पर अरबन हास्पिटल के लिए किराए पर भवन लेने के लिए तीन लाख रुपये की मांग एवं टोकनमनी के तौर पर 10,000 रुपये उनके चपरासी सुभाष के पास जमा कराने का आरोप लगाया गया है। इसके साथ ही एक ही फर्म को जैम पोर्टल के माध्यम से फर्जी तरीके से 15 लाख का भुगतान कर दिए जाने का आरोप है। लैब टेक्निशियन संविदा, सुहाना त्रिपाठी की तैनाती गलत तरीके से कराने का भी आरोप लगाया गया है। जबकि कनिष्ठ लिपिक राकेश कुमार श्रीवास्तव ने समिति के समक्ष दिए बयान में कहा कि उन्होंने हास्पिटल के लिए मकान किराए पर लेने के लिए किसी धनराशि की मांग नहीं की गई और न ही उसके जरिए टोकन मनी के तौर 10,000 रुपये सुभाष से प्राप्त किया। विष्णु ने जो प्रत्यावेदन किराए के लिए दिया है वह अरबन हास्पिटल किराए के संबंध में है, जो सुरजीत सिंह एनयूएचएम के जिला कोआर्डिनेटर द्वारा देखा जाता है। लैब टेक्नीशियन संविदा सुहाना त्रिपाठी की नियुक्ति मिशन निदेशक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन उत्तर प्रदेश लखनऊ के जरिए की जाती है। तैनाती में किसी प्रकार की अनियमितता नहीं की गई है। लैब टेक्निशियन संविदा, सुहाना त्रिपाठी द्वारा पूर्व में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत चार फरवरी 2019 से 24 फरवरी 2024 तक लैब टेक्निशियन संविदा के पद पर जनपद बरेली में मुख्य चिकित्साधिकारी के अधीन एमसीएच विंग में कार्य किया जा चुका है। सुहाना त्रिपाठी ने सीएमओ को लिखित दिया है कि तत्कालीन सीएमओ व लेखालिपिक राकेश श्रीवास्तव को अथवा अन्य किसी को एक भी रुपये नहीं दिया गया है। शिकायकर्ता विष्णु मिश्र के शिकायती प्रार्थना पत्र में वर्णित शिकायत के संबंध में शपथ पत्र के अलावा कोई ऐसा साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया है, जिससे शिकायत की पुष्टि हो सके।
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जांच समिति ने रिपोर्ट में कहा है कि एनएचआरएम जैसे महत्वपूर्ण पद पर कनिष्ठ लिपिक होने के बावजूद राकेश कुमार श्रीवास्तव की तैनाती कर दी गई है और इनके कार्य व्यवहार की भी शिकायत की गई है। इनका उस पटल से स्थानांतरण कर दिया गया है। जहां तक सुहाना त्रिपाठी के नियुक्ति के अनियमितता की शिकायत है शिकायतकर्ता से अपेक्षा है कि इसकी अलग से इसके नियुक्तिधिकारी मुख्य चिकित्साधिकारी से शिकायत करें। जिससे प्रकरण का तथ्यात्मक समाधान हो सकें।
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जांच समिति ने नहीं सुना पक्ष,सीएम से करेंगे टीएसी जांच की मांग
शिकायतकर्ता आनंद त्रिपाठी का आरोप है कि कनिष्ठ लिपिक राकेश कुमार श्रीवास्तव के खिलाफ उनके जरिए मंडलायुक्त से की गई शिकायत की जांच समिति ने नहीं की। जांच समिति ने उनका पक्ष सुनने के लिए सूचना तक नहीं दिया। आरोप है कि जांच में लीपापोती की गई है। वह चुप नहीं बैठेंगे। सीएम योगी आदित्यनाथ एवं स्वास्थ्य मंत्री से मिलकर शिकायत करेंगे और टीएसी जांच की मांग करेंगे।
आनंद त्रिपाठी,
शिकायकर्ता
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कनिष्ठ लिपिक राकेश कुमार श्रीवास्तव के सामान्य व्यवहार खराब होने के संबंध में समिति के जरिए उपलब्ध कराई गई आख्या पर सीएमओ ने 24 सितंबर को लिपिक का स्थानांतरण प्रशासनिक आधार पर सीएचसी नाथनगर के अधीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र देवकली कर दिया गया है। इसके अतिरिक्त राकेश कुमार श्रीवास्तव के कार्य व्यवहार के दृष्टिगत इनका स्थानांतरण अन्य जनपद में किए जाने की संस्तुति करते हुए 24 सितंबर को ही विशेष सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य को पत्र भेज दिया गया है। जहां तक शिकायकर्ता आनंद त्रिपाठी का पक्ष समिति द्वारा न सुने जाने का सवाल है तो शिकायकर्ता अब भी समिति के समक्ष प्रस्तुत होकर अपना पक्ष प्रस्तुत कर सकते हैं।
महेंद्र सिंह,तंवर
डीएम, संतकबीरनगर















