मिल मालिक ने हड़प लिया 18 लाख चावल, पढे पूरी खबर।
– सीएमआर चावल 1011.72 कुंतल निर्धारित अवधि तक भारतीय खाद्य निगम के डिपों में नही किया जमा
– जिला प्रबंधक यूपी को-ऑपरेटिव फेडरेशन ने राइस मिल के प्रोपराइटर पर दर्ज कराया गबन और ईसी एक्ट का केस
– मामले की जांच पड़ताल में जुटी पुलिस
संतकबीरनगर।।
जिले में खरीदे गए सरकारी धान का 18 लाख रुपये का सीएमआर चावल एक राइस मिल के प्रोपराइटर ने हड़प लिया। ऐसा आरोप लगाते हुए जिला प्रबंधक यूपी को-ऑपरेटिव फेडरेशन ने मंगलवार को दुधारा थाने में लोहरौली में संचालित मेसर्स प्रिंस ट्रेडर्स एंड मिनी राइस मिल के प्रोपराइटर दिलीप कुमार के खिलाफ गबन और ईसी एक्ट के तहत केस दर्ज कराया है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
जिला प्रबंधक यूपी को-ऑपरेटिव फेडरेशन लिमिटेड संतकबीरनगर अखिलेश कुमार का आरोप है कि वर्ष 2023-24 में डीएम से अनुमोदित विभिन्न क्रय केंद्रों के माध्यम से सरकारी नियमानुसार किसानों से सीधे धान खरीद की गई थी। शासन के धान खरीद क्रय नीति 2023-24 में दिए गए निर्देशों के अनुरूप धान कुटाई के लिए विभिन्न मिलों से नियमानुसार अनुबंध की कार्यवाही की गई। धान क्रय केंद्र प्रभारियों द्वारा क्रय केंद्रों पर कृत धान की कुटाई के लिए क्रय केंद्रों से संबंधित मिलों को धान का प्रेषण ऑनलाइन किया गया। शासन के नियमानुसार मिलों को प्रेषित धान के सापेक्ष निर्धारित 67.67 प्रतिशत की दर से कस्टम चावल को भारतीय खाद्य निगम के डिपों पर जमा करना था। आरोप है कि वर्ष 2023-24 में मेसर्स प्रिंस ट्रेडर्स एंड मिनी राइस मिल लोहरौली के प्रोपराइटर दिलीप कुमार निवासी बढ़या पोस्ट पकरी आराजी बेलहर मेंहदावल संतकबीरनगर के मिल से नियमानुसार अनुबंध करा कर पीसीएफ द्वारा संचालित दो क्रय केंद्रों से 4491.20 कुंतल धान की कुटाई के लिए केंद्र प्रभारियों के जरिए ऑनलाइन धान प्रेषित किया गया था। जिसको मिल के प्रोपराइटर दिलीप कुमार के जरिए नियमानुसार अपने डिजिटल सिग्नेचर से ऑनलाइन प्राप्त किया गया है। उक्त प्रेषित धान के सापेक्ष 67.67 प्रतिशत की दर से देय सीएमआर चावल 3039.20 कुंतल के सापेक्ष 2027.28 कुंतल मात्र सीएमआर चावल भारतीय खाद्य निगम में जमा किया गया। जबकि शेष सीएमआर चावल 1011.72 कुंतल निर्धारित अवधि तक भारतीय खाद्य निगम में संप्रदान नहीं किया गया। पीसीएफ संस्था के जरिए बार-बार मिल के प्रोपराइटर दिलीप कुमार को मौखिक, पत्र एवं नोटिस जारी करके कहा गया था,लेकिन उनके जरिए उक्त अवशेष सीएमआर चावल को भारतीय खाद्य निगम के डिपों में जमा नहीं किया गया। राइस मिलर के जरिए शासन के निर्देशों का अनुपालन नहीं किया गया। जिससे क्रय संस्था पीसीएफ को वाणिज्य मूल्य के रूप में 37,17,179.78 रुपये की आर्थिक क्षति हुई। इसके लिए कई बार पत्र एवं नोटिस जारी करके उक्त धनराशि जमा करने का निर्देश दिया गया। जिसके क्रम में इनके जरिए मात्र 19 लाख जमा किया गया है। उनके द्वारा राइस मिल पर शेष धनराशि बकाया सीएमआर चावल जिसकी शासकीय धनराशि 18,17,179.78 रुपये होता है। जिसे जानबूझ कर गबन कर लिया गया है। इनकी अवशेष धनराशि जमा करने की नीयत नहीं है। उक्त बकाया सरकारी धनराशि के अब जमा होने की उम्मीद नहीं है। आरोप है कि उक्त सरकारी धन का मेसर्स प्रिंस ट्रेडर्स एंड मिनी राइस मिल लोहरौली के प्रोपराइटर दिलीप कुमार जानबूझ कर गबन कर लिया है।
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जिला प्रबंधक यूपी को-ऑपरेटिव फेडरेशन लिमिटेड संतकबीरनगर अखिलेश कुमार की तहरीर के आधार पर मेसर्स प्रिंस ट्रेडर्स एंड मिनी राइस मिल के प्रोपराइटर दिलीप कुमार के खिलाफ गबन और ईसी एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। विवेचना से जो तथ्य सामने आएगा ,आगे वैसी कार्रवाई की जाएगी।
जय प्रकाश दूबे, एसओ दुधारा















