खाद कारोबारियों पर कृषि विभाग का बड़ा एक्शन: 36 दुकानों पर छापेमारी, एक लाइसेंस निलंबित, 9 को नोटिस
संतकबीरनगर। किसानों को उचित मूल्य पर गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उपलब्ध कराने तथा कालाबाजारी और अनियमितताओं पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से कृषि विभाग ने शनिवार को जिलेभर में व्यापक औचक जांच अभियान चलाया। इस कार्रवाई के दौरान खाद एवं उर्वरक की 36 दुकानों पर छापेमारी की गई। जांच के दौरान 10 उर्वरक नमूने संग्रहित किए गए, एक प्रतिष्ठान का लाइसेंस निलंबित कर दिया गया, जबकि अनियमितता पाए जाने पर 9 दुकानदारों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।
जिला कृषि अधिकारी डॉ. सर्वेश कुमार यादव ने बताया कि कृषि विभाग, संबंधित उपजिलाधिकारियों और वरिष्ठ प्राविधिक सहायकों की तीन संयुक्त टीमों का गठन कर तहसील खलीलाबाद, धनघटा और मेंहदावल क्षेत्रों में सघन अभियान चलाया गया। निरीक्षण के दौरान यूरिया, डीएपी और अन्य उर्वरकों की उपलब्धता, निर्धारित दर पर बिक्री, अवैध भंडारण, कालाबाजारी और उर्वरकों के साथ अन्य उत्पादों की जबरन टैगिंग जैसे बिंदुओं की गहन जांच की गई।
उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान कसौधन कृषि सेवा केंद्र बंडा बाजार, सुधीर खाद भंडार, दुर्गा खाद भंडार, आईएफएफडीसी उमरिया बाजार, डीसीएफ उमरिया बाजार, किसान सेवा केंद्र चकिया, मौर्य खाद बीज भंडार शिवापार, बी-पैक्स किशनपुर, गुप्ता खाद भंडार गोइठहा, बी-पैक्स साँथा, शक्ति कृषि सेवा केंद्र मैलानी तथा भारत ट्रेडर्स तिघरा-बघौली सहित कई प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया।
जिला कृषि अधिकारी ने कहा कि जनपद में फिलहाल उर्वरकों का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और किसानों को खाद प्राप्त करने में किसी प्रकार की समस्या नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसानों के हितों से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। गुणवत्ता नियंत्रण, ओवररेटिंग और कालाबाजारी रोकने के लिए ऐसे औचक अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।















