दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए वैज्ञानिक एवं साक्ष्य आधारित नीति पर मंथन

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं और उनसे होने वाली मृत्यु दर को कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत 19 जून 2026 को परिवहन आयुक्त आशुतोष निरंजन की अध्यक्षता में स्टेट रोड सेफ्टी टेक्निकल एडवाइजरी कमेटी (SRS-TAC) की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में सड़क सुरक्षा से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक के दौरान आईआईटी खड़गपुर के विशेषज्ञों द्वारा तैयार “उत्तर प्रदेश स्पीड मैनेजमेंट पॉलिसी” के अंतिम ड्राफ्ट पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया। इस नीति का मुख्य उद्देश्य वैज्ञानिक और एविडेंस-बेस्ड अप्रोच के माध्यम से सड़कों पर सुरक्षित गति सुनिश्चित करते हुए सड़क दुर्घटनाओं और मृत्यु दर में प्रभावी कमी लाना है।
बैठक में सेफ सिस्टम अप्रोच के तहत सेफ रोड्स, सेफ स्पीड्स, सेफ रोड यूजर्स, सेफ व्हीकल्स और पोस्ट-क्रैश केयर जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर व्यापक चर्चा की गई। इसके साथ ही सेफ स्पीड ऑडिट, प्रभावी प्रवर्तन व्यवस्था, स्पीड गवर्नर जांच, व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (VLTD), वाहन फिटनेस निरीक्षण, क्षमता निर्माण, जनजागरूकता अभियान तथा पायलट परियोजनाओं पर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि सड़क सुरक्षा केवल नियमों तक सीमित न रहकर व्यवहारिक स्तर पर भी लागू हो, ताकि प्रदेश में सुरक्षित यातायात व्यवस्था विकसित की जा सके।
“सुरक्षित गति, सुरक्षित यात्रा” के संकल्प के साथ प्रदेश में सड़क सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने की दिशा में यह पहल महत्वपूर्ण मानी जा रही है।















