चौरीचौरा में सम्पूर्ण समाधान दिवस: 107 शिकायतें, 12 का मौके पर निस्तारण
गोरखपुर। चौरीचौरा तहसील सभागार में शनिवार को आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस में जिलाधिकारी दीपक मीणा, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ और चौरीचौरा विधायक ई. सरवन निषाद ने फरियादियों की समस्याएं सुनीं। क्षेत्र के विभिन्न गांवों-कस्बों से आए कुल 107 फरियादियों ने प्रार्थना पत्र सौंपे, जिनमें से 12 मामलों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। शेष शिकायतों को जांच एवं त्वरित कार्रवाई के लिए संबंधित विभागों को भेजा गया।
डीएम ने सभी लंबित मामलों के तय समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के सख्त निर्देश दिए। अधिकांश शिकायतें राजस्व और पुलिस विभाग से जुड़ी थीं। अधिकारियों ने भूमि विवादों में निष्पक्ष जांच और जल्द कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया ताकि फरियादियों को बार-बार चक्कर न लगाने पड़ें।
एक प्रमुख मामला निबियहवा निवासी गीतांजलि देवी का था। उन्होंने बताया कि उनके पति एसएसबी में बिहार में तैनात हैं और उनके नाम की जमीन पर कुछ लोग जबरन कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं। डीएम ने तत्काल जांच और उचित कार्रवाई के निर्देश दिए।
डीएम ने तहसील परिसर में यूरिनल लगवाने के निर्देश दिए और कहा कि सभी शिकायतें आईजीआरएस पोर्टल पर ऑनलाइन दर्ज हों तथा निस्तारण रिपोर्ट भी ऑनलाइन अपलोड की जाए, जिससे पारदर्शिता और निगरानी बढ़े।
बार एसोसिएशन चौरीचौरा के अधिवक्ताओं ने राजस्व संहिता की धारा-34 से जुड़े नामांतरण मामलों की समस्याएं उठाईं। अधिवक्ता दिग्विजय पासवान, शत्रुघ्न पटेल, रमेश सिंह आदि ने बताया कि कई पत्रावलियां गायब बताई जा रही हैं, अदम पैरवी में निरस्त हो रही हैं और 45 दिनों की समय-सीमा में निस्तारण नहीं हो पाता। सरदारनगर और राजधानी नायब तहसीलदार कार्यालयों में नियमित दर्ज नहीं होतीं, लेखपाल के पास लंबित रहती हैं और कागजात दुरुस्ती के मामले अलग रखकर सुनवाई नहीं हो रही। अधिवक्ताओं ने त्वरित समाधान की मांग की।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी शाश्वत त्रिपुरारी, सीएमओ डॉ. राजेश झा, डीपीआरओ निलेश प्रताप सिंह, एसडीएम कुंवर सचिन सिंह, सीओ रत्नेश्वर सिंह, तहसीलदार सत्यप्रकाश गुप्ता सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।















