तहसीलदार के खिलाफ लामबंद हुए अधिवक्ता
उत्तर प्रदेश /संतकबीरनगर
संतकबीरनगर के सदर तहसील के तहसीलदार सुनील कुमार के खिलाफ लामबंद वकीलों ने कलेक्ट्रेट पर ताला जड़कर धरना प्रदर्शन किया। तहसीलदार के खिलाफ लामबंद वकीलों ने खलीलाबाद मेंहदावल मार्ग को भी घंटो तक जाम कर रखा जिसके चलते इस मार्ग पर चलने वाले वाहनों के पहिए थम गए। वकीलों के इस चक्का जाम से पूरे दिन भीषण जाम से जनता जूझती रही।
वकीलों का आरोप है कि स्थानीय तहसीलदार भरष्टाचार के आखंठ में डूबे हुए हुए, उन्हे जनता के हितों से कोई लेना-देना नहीं है। वकीलों ने अपने आरोप में ये भी कहा कि पिछले दिनों जिलाधिकारी से शिकायत करने के बाबजूद जब तहसीलदार की कार्यप्रणाली में कोई सुधार नहीं आया। अधिवक्ताओं के एक प्रतिनिधि मण्डल ने जिलाधिकारी से तहसीलदार के स्थानांतरण की मांग की।
जिसपर जब जिलाधिकारी ने कोई ध्यान नहीं दिया। यही वजह है कि सभी अधिवक्ता सड़क पर उतरे और सड़क को जाम करने के साथ कलेक्ट्रेट का ताला बंद कर धरना प्रदर्शन करने लगे। अधिवक्ताओं के द्वारा कलेक्ट्रेट में तालाबंदी करने से पूरे दिन सरकारी कामकाज प्रभावित तो रहा। इसके साथ ही सड़क जाम की वजह से खलीलाबाद से मेंहदावल, बांसी सिद्धार्थनगर और महाराजगंज जिले के लिए जाने वाले राहगीर परेशान रहे।
अधिवक्ताओं ने जिला प्रशासन को साफ तौर पर ये अल्टीमेटम देते हुए कहा कि जब तक जिलाधिकारी धरना स्थल पर आकर इस बात की गारंटी नहीं देते कि वो तहसीलदार के खिलाफ क्या कार्यवाई करेंगे तब तक ये धरना प्रदर्शन जारी रहेगा। हालांकि इस दौरान एडीएम, ASP और स्थानीय एसडीएम लगातार वकीलों को मनाते रहे पर अपनी मांग पर अड़े अधिवक्ताओं ने यही कहा कि जबतक तहसीलदार का स्थानांतरण नही हो जाता तब तक वो प्रदर्शन करते रहेंगे।
इस दौरान मुख्य रुप से सिविल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष महीप बहादुर पाल, चतुर जी शुक्ल, सुनील पांडेय, दुर्गेश नारायण मिश्र, रविंद्र नाथ पांडे, ईश्वर प्रसाद पाठक, सुशांत मिश्र, सिद्धार्थ पांडेय, शशि कुमार ओझा समेत अनेक अधिवक्ताओं ने प्रशासन को दो टूक शब्दों में प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि प्रशासन उनकी मांग पर ध्यान नही देगा तो अधिवक्ता समुदाय इससे बड़ा आंदोलन करेगा।















