डीएम हर्षिता माथुर ने कलेक्ट्रेट पटलों का औचक निरीक्षण: अभिलेख रख-रखाव, लंबित प्रकरणों की समीक्षा और डिस्प्ले पर सख्त निर्देश
रायबरेली। प्रशासनिक कार्यप्रणाली को और अधिक पारदर्शी, व्यवस्थित एवं समयबद्ध बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी हर्षिता माथुर ने कलेक्ट्रेट परिसर के विभिन्न पटलों का विस्तृत औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने पटलों में चल रहे कार्यों की गहन समीक्षा की, अभिलेखों के रख-रखाव का जायजा लिया तथा सुधार के लिए स्पष्ट निर्देश दिए।
डीएम ने संयुक्त कार्यालय में राजस्व सहायक (प्रथम), न्याय सहायक (द्वितीय), शिकायत प्रकोष्ठ, न्याय सहायक (प्रथम), लेखाकार, डीएलआरसी, स्थापना, आंग्ल अभिलेखागार तथा डिस्पैच पटल का बारीकी से अवलोकन किया। अभिलेखागार का निरीक्षण करते हुए उन्होंने कार्यरत कार्मिकों की सेवा पुस्तिकाओं (सर्विस बुक) की जांच की, जिसमें सभी की सर्विस बुक अपडेट पाई गई। इसके बाद सेवा निवृत्त एवं स्थानांतरित कार्मिकों की पत्रावलियों का भी जायजा लिया गया।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि प्रत्येक पटल पर स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किया जाए कि वहां कौन-से कार्य किए जाते हैं, ताकि आमजन को आसानी से जानकारी मिल सके। उन्होंने लंबित प्रकरणों की प्रतिदिन समीक्षा करने और उनका फॉलोअप करने के सख्त आदेश दिए, जिससे सभी लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित हो सके। डीएम ने जोर दिया कि कलेक्ट्रेट जनता के सीधे संपर्क में रहने वाला कार्यालय है, इसलिए यहां की व्यवस्था आदर्श होनी चाहिए। अभिलेखों का उचित रख-रखाव, समय पर निस्तारण और पारदर्शिता बनाए रखना अनिवार्य है।
इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) सिद्धार्थ, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) अमृता सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट राम अवतार, एसडीएम अहमद फरीद खान, सचिन यादव, विवेक राजपूत, सारा अशरफ सहित संबंधित अधिकारी एवं कलेक्ट्रेट कार्मिक उपस्थित रहे।
डीएम का यह निरीक्षण कलेक्ट्रेट में कार्य संस्कृति को मजबूत करने और जनता की सुविधा बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ है। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि दिए गए निर्देशों का शीघ्र अनुपालन किया जाएगा और व्यवस्थाओं को पूरी तरह सुदृढ़ बनाया जाएगा।















