सदर तहसील में डीएम दीपक मीणा का औचक निरीक्षण: एक माह में कमियां दुरुस्त करने की सख्त चेतावनी, खतौनी में क्यूआर कोड, सफाई और अभिलेख फीडिंग पर विशेष निर्देश
गोरखपुर। प्रशासनिक कार्यप्रणाली को पारदर्शी, जवाबदेह और जन-केंद्रित बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी दीपक मीणा ने सदर तहसील परिसर का औचक एवं गहन निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने तहसीलदार, नायब तहसीलदार, एसडीएम सदर, अपर एसडीएम सदर, कंप्यूटर कक्ष, रजिस्ट्रार कानूनगो कार्यालय, न्यायालय कक्ष तथा आवासीय परिसर का बारीकी से जायजा लिया। डीएम ने स्पष्ट चेतावनी दी कि चिन्हित सभी कमियां एक माह के भीतर पूरी तरह दुरुस्त कर ली जाएं। उन्होंने कहा कि एक महीने बाद पुनः निरीक्षण किया जाएगा और यदि सुधार नहीं मिला तो जिम्मेदारी तय कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
डीएम ने खतौनी निर्गमन व्यवस्था की विशेष समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि खतौनी से संबंधित निर्धारित शुल्क की जानकारी बोर्ड पर स्पष्ट रूप से प्रदर्शित की जाए और डिजिटल भुगतान की सुविधा के लिए बाहर क्यूआर कोड लगाया जाए, ताकि किसान और आमजन आसानी से ऑनलाइन शुल्क जमा कर सकें। मौके पर मौजूद किसानों से स्वयं पूछताछ कर डीएम ने संतोष जताया, लेकिन सख्त हिदायत दी कि निर्धारित शुल्क से अधिक राशि लेने की कोई शिकायत नहीं मिलनी चाहिए। ऐसी शिकायत मिलने पर संबंधित कर्मचारी के खिलाफ तत्काल कार्रवाई होगी।
तहसील परिसर की साफ-सफाई पर भी डीएम ने गंभीर नोट लिया। उन्होंने परिसर का दौरा कर सफाई व्यवस्था में सुधार के निर्देश दिए और कहा कि रोजाना बड़ी संख्या में आने वाले लोगों के लिए स्वच्छता और सुव्यवस्था अनिवार्य है। नियमित सफाई, कूड़ा निस्तारण और परिसर के रख-रखाव को प्राथमिकता देने को कहा गया।
कंप्यूटर कक्ष में पहुंचकर डीएम ने राजस्व अभिलेखों की डिजिटल फीडिंग, डेटा अपडेट और शुद्धता की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी प्रविष्टियां समय पर और त्रुटिरहित दर्ज की जाएं। डिजिटल रिकॉर्ड में गलती से आमजन को परेशानी हो सकती है, इसलिए डेटा की शुद्ध फीडिंग सुनिश्चित करना सर्वोपरि है।
रजिस्ट्रार कानूनगो कार्यालय में अभिलेखों के रख-रखाव और रजिस्टरों की स्थिति देखी गई। डीएम ने कहा कि सभी अभिलेख अद्यतन रहें, कोई प्रविष्टि लंबित न रहे। राजस्व रिकॉर्ड प्रशासन की विश्वसनीयता का आधार हैं और इनमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
तहसीलदार और नायब तहसीलदार न्यायालयों में लंबित वादों की स्थिति की भी समीक्षा हुई। डीएम ने लंबित मामलों को प्राथमिकता पर निस्तारित करने के निर्देश दिए और कहा कि वादकारियों को अनावश्यक तारीखों पर नहीं लटकाया जाए। राजस्व न्यायालयों में समयबद्ध न्याय सुनिश्चित किया जाए।
निरीक्षण के दौरान डीएम ने दृढ़ता से कहा, “एक माह का समय दिया जा रहा है। सभी कमियां पूरी तरह दूर कर ली जाएं। पुनः निरीक्षण में सुधार न मिलने पर सख्त कार्रवाई होगी।” उनके इस रुख से तहसील प्रशासन में सक्रियता बढ़ गई है।
इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी (वित्त) विनीत कुमार सिंह, मुख्य राजस्व अधिकारी हिमांशु वर्मा, एसडीएम सदर दीपक गुप्ता, अपर एसडीएम सदर सुमित तिवारी, डिप्टी कलेक्टर/तहसीलदार सदर ज्ञान प्रताप सिंह, नायब तहसीलदार देवेंद्र यादव, अरविंद नाथ पांडेय, आकांक्षा पासवान, राकेश शुक्ला, नीरू सिंह, आरआरके हरि नारायण श्रीवास्तव सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।















