पहले बैनामे के अनुसार देना पड़ता था स्टांप शुल्क,नए शासनादेश के अनुसार सिर्फ 5 हजार रुपये के स्टांप पर दान की सुविधा।

-पहले बैनामे के अनुसार देना पड़ता था स्टांप शुल्क,नए शासनादेश के अनुसार सिर्फ 5 हजार रुपये के स्टांप पर दान की सुविधा।

-तीन अगस्त 2023 से शासन ने दी लोगों को बड़ी सहूलियत
-सिर्फ परिवार के सदस्यों के बीच अचल संपत्ति का दान करने पर मिलेगी छूट
-नए शासनादेश के अनुसार सिर्फ 5 हजार रुपये के स्टांप पर दान की सुविधा
-बढ़ रहा दान का क्रेज,सिर्फ खलीलाबाद रजिस्ट्री ऑफिस में 16 महीने में 894 लोगों ने किया दान
-सरकार की नई व्यवस्था से घट रहे मुकदमें,बढ़ रहा पारिवारिक सद्भाव
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संतकबीरनगर।
रक्त संबंधों के बीच अचल संपत्ति का दान करने पर शासन ने बड़ी सहूलियत दी है। सिर्फ पांच हजार रुपये के स्टांप पर दान करने की छूट दी गई है। दान का क्रेज भी बढ़ रहा है। सिर्फ 16 महीने के भीतर खलीलाबाद रजिस्ट्री कार्यालय में 894 लोग दान कर चुके हैं। सरकार की इस नई व्यवस्था से जहां संपत्ति विवाद के मुकदमे घट रहे हैं, वहीं आपस का द्वेष कम हो रहा है और पारिपारिक सद्भाव बढ़ रहा है।
बिना किसी लेन-देन के स्वेच्छा से संपत्ति का किया गया अंतरण दान है। पूर्व में संपत्ति का दान किए जाने पर बैनामे के अनुसार पूरा स्टांप शुल्क देना होता था, लेकिन 3 अगस्त 2023 को उत्तर प्रदेश शासन ने नई व्यवस्था लागू की है। जिसके अनुसार परिवार के सदस्यों के बीच अचल संपत्ति का अतंरण किए जाने पर सिर्फ 5,000 रुपये का ही स्टांप शुल्क देना होगा। इसमें खास बात यह है कि वास्तविक व्यक्ति से वास्तविक व्यक्ति को दी गई संपत्ति का दान ही नई व्यवस्था में आच्छादित है। इसके साथ ही आवासीय एवं कृषि संपत्ति का ही दान अनुमन्य होगा। अन्य प्रकार की संपत्ति जैसे औद्योगिक, व्यावसायिक तथा संस्थागत संपत्ति इत्यादि का दान इस नई व्यवस्था के दायरे में नहीं आएगा।
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इनके बीच हो सकता है दान :
ऐसा दान विलेख, जिसके द्वारा दाता, अचल संपत्ति का अंतरण, परिवार के सदस्यों यथा पुत्र, पुत्री, पिता, माता, पति, पत्नी, पुत्रवधू अर्थात पुत्र की पत्नी, सगा भाई, सगे भाई के मृत होने की दशा में उसकी पत्नी, सगी बहन, दामाद, पुत्र, पुत्री के पुत्र, पुत्री के पक्ष में करें। इन रक्त संबंधों के बीच अचल संपत्ति का दान किए जाने पर सिर्फ 5 हजार रुपये का स्टांप शुल्क लगेगा।
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12.39 करोड़ रुपये की दी गई छूट
खलीलाबाद रजिस्ट्री कार्यालय के रिकॉर्ड के अनुसार नए शासनादेश के मुताबिक 16 महीने में अब तक कुल 894 दान किए गए है। इसमें 3 अगस्त 2023 से 31 दिसंबर 2023 तक कुल कुल 237 दान किए गए। जबकि एक जनवरी 2024 से 31 दिसंबर 2024 तक कुल 657 दान किए गए हैं। कुल 894 किए गए दान पर 46 लाख 30 हजार रुपये के राजस्व की प्राप्ति हुई। जबकि 12 करोड़ 39 लाख 24080 रुपये की छूट प्रदान दी गई।
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समय-समय पर लोगों की सहूलियत के लिए सरकार निमयों में शिथिलता लाती है। उसका उद्देश्य यह होता है कि आमजन इसका लाभ उठा कर अपनी छोटी-मोटी समस्याओं का समाधान कर सकें। इसी उद्देश्य से सरकार ने यह सुविधा प्रदान की है। इससे संपत्ति के मुकदमे की संख्या में जहां कमी आई है, वहीं पारिवारिक सद्भाव बढ़ रहा है।
जयप्रकाश, एडीएम
जिला रजिस्टार
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पूर्व में बैनामें के अनुसार दान पर स्टांप शुल्क देना पड़ता था, लेकिन तीन अगस्त 2023 को जारी नए शासनादेश में सिर्फ 5 हजार रुपये के स्टांप पर पारिवारिक सदस्यों के बीच अचल संपत्ति का दान किया जा सकता है। इससे आपसी कटुता कम हो रही है और लोगों में रिश्ते मजबूत हो रहे हैं। 16 महीने में 894 लोगों ने दान किया है।
राजेश कुमार गुप्ता,

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