डीएम ने हरिहरपुर साइट पर लीगेसी वेस्ट निस्तारण का किया स्थलीय निरीक्षण।
– जिले में प्रतिदिन हो रहा है आधुनिक तरीके से लीगेसी वेस्ट का निस्तारण
-मोबाईल वॉरियार मशीन से किया जा रहा है लीगेसी वेस्ट का निस्तारण
संतकबीरनगर। डीएम महेंद्र सिंह तंवर ने हरिहरपुर साइट का स्थलीय निरीक्षण किया । इस दौरान उन्होंने संबधित फर्म जेएस एनवारो प्राइवेट लिमिटेड को RDF और COMPOST को विधिवत निस्तारण करने के निर्देश दिए।
उल्लेखनीय है कि स्वच्छ संतकबीर नगर की परिकल्पना के लिए सभी निकाय तथा जिला प्रशासन निरंतर प्रयासरत हैं। इसी उद्देश्य से जनपद में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को सुनिश्चित करने की दिशा में कूड़े के उचित प्रबंधन के लिए प्रोसेसिंग साइट, ट्रांसफर स्टेशन, डोर-टू-डोर कलेक्शन की गाड़ियों की संख्या बढ़ाना इत्यादि कार्यों पर भी काम चल रहा है। इसी के निमित्त शनिवार को जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने हरिहर पुर साइट का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि 50 हजार मीट्रिक टन से भी अधिक लीगेसी वेस्ट का निस्तारण आधुनिक तरीके से किया जा रहा है। जनपद में कुल 08 नगर निकाय हैं जो प्रतिदिन 100 मीट्रिक टन से भी अधिक कूड़ा उत्सर्जित करते हैं। जनपद में हरिहरपुर एवं मगहर में कुल मिलाकर 50 हजार मीट्रिक टन से भी अधिक लीगेसी वेस्ट एकत्रित है । जिसको विधिवत टेंडर के माध्यम से मेसर्स जेएस एनवारो प्राइवेट लिमिटेड नोएडा द्वारा 440 रुपए प्रति मीट्रिक टन की दर से निस्तारण किया जा रहा है। नगर पालिका परिषद खलीलाबाद द्वारा भी हरिहरपुर की साइट पर अपना कूड़ा जाता रहा है। जनपद में हरिहरपुर साइट पर लगभग 24000 मीट्रिक टन तथा मगहर में 2 साइट पर लगभग 35000 मीट्रिक टन कूड़ा है जिसको निस्तारित करना है। इस प्रकार कुल 50 हजार मीट्रिक टन से भी अधिक लीगेसी वेस्ट का निस्तारण आधुनिक तरीके से किया जा रहा है।
ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (एसडब्ल्यूएम) का मतलब है, ठोस अपशिष्टों को इकट्ठा करना, उनका इलाज करना, और उनका निपटान करना. इसमें अपशिष्टों को कई स्रोतों से इकट्ठा करना, उनका परिवहन करना, उनका इलाज करना, उनका विश्लेषण करना, और उनका निपटान करना शामिल होता है। नगर निकायों का ठोस अपशिष्ट (MSW) जिसे कुछ बंजर भूमि या लैंडफिल पर लंबे समय तक एकत्र करके वर्षों तक रखा जाता है, लीगेसी अपशिष्ट कहलाता है। अक्सर शहर की सीमा के बाहर कचरे के बड़े पहाड़ दिखाई देते हैं। ये आम तौर पर विरासत अपशिष्ट (Legacy Waste) के भंडार ढेर होते हैं। ऐसे कूड़े के निस्तारण को बायो-माइनिंग भी कहा जाता है। इस दौरान एसपी सत्यजीत गुप्ता, नगर पालिका परिषद खलीलाबाद एवं हरिहरपुर नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी भी उपस्थित रहे।















