बदलते मौसम में बढ़ रहे आई फ्लू के मरीज….रखें आंखों का ख्याल
जिला अस्पताल में 50 से 60 मरीज इससे पीड़ित पहुंच रहे
– धूप, धूल, मिट्टी और दूषित पानी से आंखों को बचाने की सलाह
संतकबीरनगर। जिला अस्पताल में गर्मी के पसीने के कारण आंखों में लालिमा और इंफेक्शन की समस्या को लेकर मरीज आ रहे हैं। कुछ लोगों के आंखों में सूजन की भी रह रही है। डॉक्टरों का कहना है ऐसे समय में कंजक्टिवाइटिस (आई फ्लू ) की समस्या बढ़ रही है। इसके लिए लोगों को बचाव करने की आवश्यकता है।
जिला अस्पताल की नेत्र विभाग की ओपीडी में 150 से 200 मरीजों में 50 से 60 मरीज आंखों के की एलर्जी की समस्या लेकर आ रहे हैं। डॉक्टर इसका कारण पसीने को बता रहे हैं। बार-बार आंखों पर हाथ जाने के कारण आंखों में इंफेक्शन हो जा रहा है। जो आई फ्लू का कारण बन सकता है। इसके स्टाई यानी आंख के ऊपर दाने निकल जाते हैं। जो गर्मियों में निकलना बिल्कुल ही आम बात है। ऐसे मौसम में बच्चों और बुजुर्गों का सबसे ज्यादा ख्याल रखने की जरूरत है। इम्यूनिटी कम होने के कारण इन्हें इंफेक्शन व एलर्जी की संभावना ज्यादा होती है।
इन बातों का रखे ध्यान
– घर से बाहर निकलने से पहले यूवीए और यूवीबी किरणों से बचने के लिए चश्मे पहनकर निकलें।
– बहुत तेज़ धूप है तो पोलराइज्ड सनग्लासेस का इस्तेमाल करें।
– बदलते मौसम में आंखों का विशेष ख्याल रखें।
– बाहर से आने के बाद साफ ठंडे पानी में रुई भिगोकर आंखों को साफ करें।
– आंखों को साफ करने के बाद उस कपड़े तो तुंरत धूलें।
– संक्रमित व्यक्ति की इस्तेमाल की गई वस्तुओं से दूरी बनाएं।
– आंखों में किसी तरह की समस्या हाेने पर डॉक्टर को दिखा कर ही दवा लें।
– स्टेराइड वाली दवा से दूरी बनाएं।
आंखों में हो समस्या तो डॉक्टर को दिखाएं
जिला अस्पताल के नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. शिवानन्द सिंह बताते है, गर्मियों में आंखों में कंजक्टिवाइटिस की समस्या बढ़ जाती है। आंखों में रेडनेस और दाने इसके आम लक्षण हैं। इसके लिए बचाव और मरीजों को अन्य से दूरी बनाने की सलाह दिया जाता है। स्वयं से दवा लेने की जगह डॉक्टर के परामर्श के बाद दवा लेने के लिए कहते हैं। मरीजों को दर्द से राहत पाने के लिए एंटीबायोटिक या स्टेरॉयड वाले ड्रॉप बिना डॉक्टर की सलाह के इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। इन ड्रॉप्स का इस्तेमाल करने से मरीजों को दर्द से राहत मिल जाता है लेकिन आगे इससे आंखों की रोशनी जाने का डर रहता है।















