गोरखनाथ मंदिर में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हुई कलश स्थापना
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मां शैलपुत्री की पूजा-अर्चना कर उतारी आरती, विश्व कल्याण की कामना की
शारदीय नवरात्र के पहले दिन गोरक्षपीठ में गूंजे जयकारे, विधि-विधान से शुरू हुआ नौ दिवसीय अनुष्ठान
गोरखपुर। शारदीय नवरात्र के प्रथम दिन रविवार को गोरखनाथ मंदिर परिसर स्थित श्री दुर्गा मंदिर में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधि-विधान से कलश स्थापना की गई। गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कलश स्थापना के साथ नवरात्र के धार्मिक अनुष्ठान का शुभारंभ किया। उन्होंने मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की पूजा-अर्चना कर आरती उतारी और विश्व कल्याण, सुख-समृद्धि तथा शांति की कामना की।
नवरात्र के पहले दिन मां शैलपुत्री की आराधना का विशेष महत्व है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां शैलपुत्री नवदुर्गा के नौ स्वरूपों में प्रथम हैं। भक्त उनकी पूजा-अर्चना कर शक्ति, धैर्य और दृढ़ संकल्प की कामना करते हैं। इसी आस्था के साथ गोरखनाथ मंदिर में धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुआ। मुख्यमंत्री ने मां भगवती के चरणों में श्रद्धा निवेदित करते हुए लोकमंगल की प्रार्थना की।
शारदीय नवरात्र सनातन परंपरा का प्रमुख पर्व है। नौ दिनों तक मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा-अर्चना की जाती है। इस दौरान श्रद्धालु व्रत, जप और ध्यान के माध्यम से मां भगवती की आराधना करते हैं। कलश स्थापना को नवरात्र के अनुष्ठान की महत्वपूर्ण शुरुआत माना जाता है। इसके साथ ही नौ दिनों तक चलने वाली पूजा-अर्चना का संकल्प लिया जाता है।
गोरक्षपीठ की परंपरा में नवरात्र के धार्मिक अनुष्ठानों का विशेष स्थान है। इस अवसर पर मंदिर परिसर में पूजा-अर्चना के साथ भक्तिमय वातावरण रहा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मां शैलपुत्री की आरती कर सभी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।















