डॉ. शिव शंकर शाही ने दृष्टिबाधित बच्चों के साथ मनाई कृष्ण जन्माष्टमी, बिखेरी खुशियों की रौनक।

डॉ. शिव शंकर शाही ने दृष्टिबाधित बच्चों के साथ मनाई कृष्ण जन्माष्टमी, बिखेरी खुशियों की रौनक।

 

गोरखपुर: लाल डिग्गी स्थित राजकीय स्पर्श दृष्टिबाधित बालक विद्यालय में 17 अगस्त 2025 को कृष्ण जन्माष्टमी का उत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। हर साल की तरह इस बार भी बच्चों ने अखंड कीर्तन और सामूहिक प्रीतिभोज का आयोजन किया, जिसमें विद्यालय से पासआउट हुए पूर्व छात्र भी शामिल हुए। इस अवसर पर शाही ग्लोबल हॉस्पिटल के चेयरमैन और उत्तर प्रदेश एसोसिएशन ऑफ सर्जन ऑफ इंडिया के सचिव डॉ. शिव शंकर शाही ने बच्चों के साथ उत्सव में शिरकत कर उनकी खुशियों को दोगुना किया। 

 

डॉ. शाही हर साल इन बच्चों के साथ जन्माष्टमी मनाते हैं और उनकी हर जरूरत को पूरा करने में सहयोग करते हैं। चाहे सर्दियों में कंबल और बेडशीट की व्यवस्था हो या बच्चों की मांग पर मेमोरी चिप्स उपलब्ध कराना, वे हमेशा आर्थिक संकट को बच्चों की पढ़ाई में बाधा न बनने देने के लिए तत्पर रहते हैं। ये दृष्टिबाधित बच्चे भले ही देख न सकें, लेकिन ब्रेल लिपि के माध्यम से पढ़ाई, मोबाइल चलाना और रजिस्टर मेंटेन करने में सक्षम हैं। डिजिटल युग में ये बच्चे मेमोरी चिप्स में अपनी पढ़ाई की सामग्री सहेजकर इंटरनेट और कंप्यूटर का उपयोग कर आत्मनिर्भर बन रहे हैं। 

 

कार्यक्रम में डॉ. शाही के साथ डॉ. आर.के. पांडेय, डॉ. ए.के. सिंह, डॉ. जे.पी. जायसवाल, डॉ. ए.पी. गुप्ता, डॉ. बिपिन चंद चतुर्वेदी, डॉ. मनोज मौर्या सहित शहर के कई प्रख्यात सर्जन शामिल हुए। इन बच्चों के साथ बैठकर भोजन करने से बच्चों में समाज में डॉक्टर, इंजीनियर, आईएएस, पीसीएस जैसे बनने की प्रेरणा जागती है। डॉ. शाही ने कहा, “इन बच्चों का उत्साह और प्रतिभा अनमोल है। इनके साथ समय बिताना न केवल मेरे लिए सुखद है, बल्कि समाज के लिए भी एक प्रेरणा है।” 

 

हर साल 26 जनवरी, 15 अगस्त और अन्य अवसरों पर डॉ. शाही बच्चों का हौसला बढ़ाने आते हैं। यह आयोजन न केवल कृष्ण जन्माष्टमी का उत्सव था, बल्कि बच्चों के सपनों को पंख देने और समाज में समावेशिता की भावना को मजबूत करने का एक अनुपम प्रयास था।

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