“गोरखपुर की बेटी निहारिका को उपराष्ट्रपति का आशीर्वाद – प्रतिभा और परिश्रम की अनमोल मिसाल”
गोरखपुर।
इंडिया इंटरनेशनल आर्बिट्रेशन सेंटर (आईआईएसी) के भव्य कोलोकियम में एक ऐतिहासिक क्षण तब बना, जब उपराष्ट्रपति श्री जगदीप धनखड़ ने गोरखपुर की प्रतिभाशाली बेटी निहारिका से मुलाकात की और उनकी उपलब्धियों की सराहना की। यह मुलाकात केवल एक भेंट नहीं, बल्कि भारत की युवा शक्ति के सम्मान का प्रतीक बनी। मंच पर सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश और आईआईएसी चेयरमैन हेमंत गुप्ता भी मौजूद थे, जिन्होंने आर्बिट्रेशन और विवाद समाधान की दिशा में नए विचार रखे।
निहारिका: मेहनत और मेधा की जीती-जागती मिसाल
गोरखपुर की पावन धरा से निकली निहारिका ने अपनी लगन और प्रतिभा से देश का नाम रोशन किया। कार्मल गर्ल्स इंटर कॉलेज से शिक्षा शुरू कर जेएसएस नोएडा से बीटेक (सिविल) की डिग्री हासिल करने वाली निहारिका ने सिविल इंजीनियरिंग में उत्कृष्टता पाई। उनकी सोच और कार्य राष्ट्र निर्माण के प्रति उनकी गहरी प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।
माता-पिता: सफलता के पीछे की ताकत
निहारिका अपनी उपलब्धियाँ अपने माता-पिता को समर्पित करती हैं। वरिष्ठ पत्रकार श्री पीपीएन उपाध्याय की निष्पक्षता और सिद्धांतों ने उन्हें कर्तव्यनिष्ठा सिखाई, तो माँ श्रीमती सीमा उपाध्याय ने संस्कार और आत्मविश्वास देकर सशक्त बनाया।
गोरखपुर: प्रतिभा की धरती
महात्मा बुद्ध, गोरखनाथ और फिराक गोरखपुरी की धरती गोरखपुर ने निहारिका जैसी बेटी को जन्म देकर साबित किया कि छोटे शहरों के युवा भी बड़े मंचों पर चमक सकते हैं। उपराष्ट्रपति की सराहना इस बात का प्रमाण है कि भारत की युवा शक्ति अब वैश्विक पटल पर अपनी पहचान बना रही है।
निहारिका का भविष्य: नई ऊँचाइयाँ
यह उपलब्धि निहारिका के लिए एक शुरुआत है। उनकी तकनीकी दक्षता और नेतृत्व क्षमता उन्हें राष्ट्र निर्माण में अहम भूमिका के लिए तैयार करती है। वे युवाओं के लिए प्रेरणा हैं कि मेहनत और लक्ष्य के साथ कोई भी सपना पूरा हो सकता है।















