गोरखपुर में नेत्र कुंभ के मरीजों का इलाज शुरु।
गोरखपुर। महाकुंभ में के चिकित्सा शिविर में जिन मरीजों का चयन ऑपरेशन के लिए हुआ था उनका इलाज गोरखपुर में शुरु हो गया है। सीएम योगी के निर्देश पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर आशुतोष कुमार दुबे सहित नेता जी सुभाष चंद्र बोस जिला चिकित्सालय के अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ अरुण कुमार चौरसिया डॉक्टर नंदलाल कुशवाहा उपमुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर अश्वनी चौरसिया नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉक्टर चंद्रभान यादव सक्षम के प्रांत सचिव तथा गोरक्ष प्रांत के नेत्र कुम्भ प्रभारी रमाकांत, कोषाध्यक्ष,फिरंगीलाल के साथ सक्षम के प्रांत अध्यक्ष शिव शंकर शाही ने मरीजों के ऑपरेशन के संबंध में बैठक चर्चा की साथ इस बात पर जोर दिया कि ऑपरेशन कैसे किया जाए मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने सभी मरीजों के ऑपरेशन में हर संभव मदद करने का निर्देश दिया।बैठक में अस बात पर सहमति बनी कि जो मरीज जहां रहता है। वहीं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर वहां के ऑप्टोमेट्रिस्ट से संपर्क करके अपने ऑख का चेकअप करा ले।चिन्हित मरीजों को साधन के जरिए जिला चिकित्सालय गोरखपुर पहुंचाया जाएगा। जिस दिन मरीज अस्पताल में भर्ती होगा उसी दिन ऑपरेशन करके शाम को दवा लेंस चश्मा नि:शुल्क देखकर अस्पताल से छुट्टी कर दिया जाएगा। मरीजों के इच्छा के अनुरुप उन्हें शाही ग्लोबल हॉस्पिटल तारामंडल में सुबह बुलाया जाएगा उनका पूरा मेडिकल चेकअप किया जाएगा जिसमें कार्डियोलॉजी के डॉक्टर बाल गोविंद डीएम कार्डियोलॉजी के द्वारा फिटनेस की जॉच कर उन्हें जिला अस्पताल पहुंचाकर उनका निशुल्क ऑपरेशन करवाया जाएगा।ऑख बहुत नाजुक होती है उसे लोगों को बहुत बचा कर रखना चाहिए । कई बार ऑपरेशन के बाद समस्या ज्यादा बढ़ती हैं इन सब बातों को ध्यान में रखकर ऑपरेशन के पहले मरीजों का शुगर,ब्लड प्रेशर,हार्ट और गुर्दे की जाॉच करने के बाद ही ऑपरेशन कराया जाएगा।जिससे इसमें शत प्रतिशत सफलता की गुंजाइश हो। चिकित्सकों ने उम्मीद जताया कि 500 से ज्यादा नेत्र रोगियों का गोरखपुर जिले में ऑपरेशन करने की आवश्यकता पड़ सकती है।अभी जो नेत्र कुंभ प्रयागराज में चल रहा है उसे 10 दिन और आगे बढ़ा दिया गया है। जो भी व्यक्ति वहां अपना नेत्र परीक्षण कराएगा उसका दवा और चश्मा वहीं पर निशुल्क दे दिया जा रहा है। ऑपरेशन की जरूरत होने पर मरीज की मरजी के मुताबिक उसे जिस जिले में ऑपरेशन कराना है वहां भेज दिया जाएगा।















