खुलेगा अवसरों का द्वार,बढ़ेगा व्यापार का दायरा ,पूर्वांचल में ड्राई पोर्ट बने तो विदेशों से व्यापार होगा सुगम।
-स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा
-पर्यटन और संस्कृति के आदान-प्रदान की बढ़ेगी संभावनाएं
-उद्यमियों और व्यवासियों को मिलेगा समर्थन
-रणनीतिक स्थान और कनेक्टिविटी से बढ़ेगा निवेश
-डीएम और कमिश्नर ने भी लिया है संज्ञान, शासन को कराया है अवगत
-यूपी इंडस्ट्रीज एसोसिएशन ने प्रमुख सचिव अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास को सौंपा पत्र
संतकबीरनगर।
पूर्वांचल में पुराने उद्योगों के साथ नई औद्योगिक इकाईयां तेजी से क्रियाशील हो रही हैं। मगर अधिकांश इकाइयों के तैयार माल केवल घरेलू बाजार में बिक पाते हैं। इससे उनके उत्पाद का जहां समुचित मूल्य नहीं मिल पाता है, वहीं दूसरी तरफ उत्पादों की ठीक प्रकार से ब्रांडिंग नहीं हो पा रही है। ऐसे में यदि पूर्वांचल में गोरखपुर से लेकर अयोध्या के बीच में ड्राई पोर्ट स्थापित हो तो संसाधनों से समृद्ध यह क्षेत्र व्यापार तथा वाणिज्य के लिए विदेशों में भी अपनी पहचान कायम कर सकेगा। इसके लिए यूपी इंडस्ट्रीज एसोसिएशन ने पहल की है। प्रमुख सचिव अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास अनिल कुमार सागर को मांग पत्र सौंपा है। जबकि पूर्व में जिला स्तरीय एवं मंडल स्तरीय उद्योग बंधु की बैठकों में डीएम और कमिश्नर को भी इस आशय का पत्र दिया था।
पूर्वांचल के गोरखपुर शहर में दो औद्योगिक क्षेत्र स्थापित है। इसके साथ ही गोरखपुर में गीडा औद्योगिक उत्पादन का हब बन चुका है। कुशीनगर, देवरिया, मऊ, संतकबीरनगर, सिद्धार्थनगर, बस्ती, अयोध्या, बाराबंकी तथा लखनऊ स्थित औद्योगिक क्षेत्रों में काफी संख्या में विभिन्न उत्पादों का निर्माण करने वाली औद्योगिक इाकइयां संचालित हैं। गोरखपुर, संतकबीरनगर, बस्ती, सिद्धार्थनगर जनपदों के औद्योगिक क्षेत्र की इकाइयों में रेडीमेड गारमेंट्स , खाद्य प्रसंस्करण, कैमिकल, मेडकिल इक्विपमेंट, काला नमक चावल जैसे उत्पाद सिर्फ स्थानीय बाजारों तक सीमित रह जाते हैं। जबकि वैश्विक बाजार में उक्त उत्पाद के पहुंचने से ब्रांडिंग होने के साथ-साथ ऊंची कीमतें भी मिलेंगी। पूर्वांचल परिवर्तन के लिए तैयार है, जहां कस्टम बंदरगाह की स्थापना से आर्थिक प्रगति का मार्ग प्रशस्त होगा। स्थानीय व्यवसाय अपनी पहुंच का विस्तार करके पहले की तुलना में कहीं अधिक वैश्विक बाजारों तक अपनी पहुंच बना सकेगा। कस्टम बंदरगाह की स्थापना से उद्योगों को उनकी लॉजिस्टिक लागत में काफी कमी आएगी। जिससे पूर्वांचल देश के बाजार में एक प्रतिस्पर्धी खिलाड़ी बन जाएगा। स्थानीय व्यवसाय अपनी पहुंच का विस्तार कर सकेंगे और पहले की तुलना में कहीं अधिक लाभकारी साबित होंगे।
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रणनीतिक स्थान और कनेक्टिविटी से बढ़ेगा निवेश
प्रस्तावित सीमा शुल्क बंदरगाह पूर्वांचल के लिए रणनीतिक बिंदु के रूप में कार्य करेगा। जिससे कनेक्टिविटी बढ़ेगी। इसके साथ ही प्रमुख राजमार्गों और रेल मार्गों की निकटता से माल का कुशल परिवहन संभव हो सकेगा। बेहतर पहुंच से निवेश आकर्षित होगा और स्थानीय उद्योगों को प्रोत्साहन मिलेगा। प्रमख बाजारों के संपर्क में आने से इस क्षेत्र में निर्यातोन्मुख व्यवसायों को बढ़ावा मिलेगा। बुनियादी ढांचे का विकास तथा आर्थिक एकीकरण का महत्वपूर्ण लाभ इस क्षेत्र को मिल सकेगा।
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गोरखपुर से अयोध्या के बीच ड्राईपोर्ट बनाने के लिए प्रमुख सचिव अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास अनिल कुमार सागर को मांग पत्र दिया गया है। इसके बनने से जो फायदे हैं, उन्हें भी रेखांकित किया गया है। इसके साथ ही बस्ती मंडल के सरकारी बैंकों के ऋण-जमा अनुपात अपेक्षाकृत कम होते जा रहे हैं। नए निवेशकों को बैंकों से काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इससे सरकार की एमएसएमई नीति को धरातल पर उतारने में कठिनाई हो रही है। साथ ही यूपी सीडा के अंतर्गत आने वाले औद्योगिक क्षेत्रों के भूखंडों की रजिस्ट्री में एकरूपता तथा परस्पर समावेशी नीति न अपनाए जाने के संबंध में मांग पत्र दिया है।
अरविंद पाठक,
अध्यक्ष, यूपी इंडस्ट्रीज एसोसिएशन
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यूपी इंडस्ट्रीज एसोएिशन की ओर से गोरखपुर और अयोध्या के बीच में ड्राईपोर्ट बनाने के लिए मांग पत्र दिया गया था। जिसे शासन को संदर्भित कर दिया गया है। ड्राईपोर्ट बनने से पूर्वांचल में रोजगार की अपार संभावनाएं बढ़ेंगी, साथ ही यहां के उत्पाद को वैशिवक बाजार में पहचान मिलेगी। वैसे शासन का जो निर्देश होगा, वैसी कार्रवाई आगे की जाएगी।
डीएम संतकबीरनगर
महेंद्र सिंह तंवर,















