मनरेगा में गड़बडी पर बीडीओ समेत सात के खिलाफ होगी कार्रवाई।

मनरेगा में गड़बडी पर बीडीओ समेत सात के खिलाफ होगी कार्रवाई।

-बीडीओ का जवाब मिला तथ्यहीन और असंतोषजनक

-अनुश्रवण के लिए बीडीओ को बनाया गया है उत्तरदायी

-पांच नवंबर को आयुक्त ग्राम्य विकास ने डीएम को कार्रवाई के लिए भेजा पत्र     

-15 दिन के भीतर कृत कार्रवाई से अवगत कराएं जाने की अपेक्षा की 

-फर्जी तरीके से एप पर फोटो अपलोड कर 3 लाख 69 हजार 500 रुपये के गबन का किया गया प्रयास

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संतकबीरनगर।

विकास खंड बेलहर कला में मनरेगा में अनियमितता के मामले में आयुक्त ग्राम्य विकास ने बीडीओ, एपीओ, पंचायत सचिव, तकनीकी सहायक, ग्राम रोजगार सेवक, महिला मेट एवं ग्राम प्रधान को उत्तरदायी ठहराया है। संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने के लिए पांच नवंबर को डीएम संतकबीरनगर को पत्र भेजा है। डीएम से कार्रवाई करते हुए 15 दिनों के भीतर अवगत कराने की अपेक्षा की है।    

दस सितंबर 2024 को विकास खंड बेलहर कला के ग्राम पंचायत जंगल बेलहर के ग्राम पिपरी रोड से राजाराम के घर तक खड़ंजा पटरी निर्माण कार्य पर लगे श्रमिकों के सापेक्ष मस्टर रोल में अधिक नाम अंकित किया गया। मस्टर रोल में महिला श्रमिकों के नाम अंकित होने के बावजूद कार्य स्थल पर महिला श्रमिक उपस्थित नहीं होने, एक ही फोटो को कई बार मस्टर रोलों पर अपलोड किए जाने के संबंध में आयुक्त कार्यालय ग्राम्य विकास विभाग ने डीसी मनरेगा से जांच कर आख्या देने का निर्देश दिया था। डीसी मनरेगा ने ग्राम पिपरी में पिचरोड से राजाराम के घर तक प्रस्तावित खड़ंजा पटरी निर्माण कार्य का स्थलीय सत्यापन कर दस सितंबर 2024 को ही आख्या आयुक्त ग्राम्य विकास के कार्यालय को प्रेषित कर दिया था।

आयुक्त ग्राम्य विकास ने पांच नवंबर 2024 को डीएम संतकबीरनगर को भेजे पत्र में कहा है कि डीसी मनरेगा की आख्या के मुताबिक निरीक्षण में पाया कि प्रस्तावित कार्य के सापेक्ष 10 मस्टर रोल सृजित किए गए गए हैं तथा ग्राम रोजगार सेवक द्वारा दो सितंबर 2024 से 10 सितंबर 2024 तक दस मस्टररोलों में प्रत्येक दिन 97-97 श्रमिकों की उपस्थिति दर्ज की गई है। साथ ही एक ही फोटो को कूटरचित, फर्जी तरीके से अपलोड कर 3,69,500 रुपये की धनराशि के गबन का प्रयास किया गया है। डीसी मनरेगा ने कार्य प्राविधानित विशिष्टियों के अनुरूप नहीं पाए जाने, कार्यों की तकनीकी स्वीकृति संबंधी अभिलेख पत्रावली में उपलब्ध नहीं होने तथा मस्टर रोल में महिला श्रमिकों के फर्जी नाम अंकित किए जाने का उल्लेख किया है।

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बीडीओ का जवाब मिला तथ्यहीन और असंतोषजनक

डीसी मनरेगा की आख्या के उपरांत आयुक्त ग्राम्य विकास की ओर से 15 अक्तूबर 2024 को नोटिस जारी कर बीडीओ बेलहर श्वेता वर्मा को स्पष्टीकरण उपलब्ध कराए जाने का निर्देश दिया गया। बीडीओ श्वेता वर्मा ने 23 अक्तूबर 2024 को अपना स्पष्टीकरण उपलब्ध कराया। जिसका परीक्षण किए जाने पर स्पष्टीकरण असंतोषजनक, तथ्यहीन एवं कार्यालय द्वारा प्रेषित पत्र में इंगित बिंदुओं के विपरीत पाया गया। कार्यक्रम अधिकारी, खंड विकास अधिकारी ने मस्टर रोल में महिला श्रमिकों के नाम अंकित होने के बावजूद कार्य स्थल पर महिला श्रमिक उपस्थित न होने के संबंध में स्थिति स्पष्ट नहीं की गई है। जिससे स्पष्ट होता है कि मनरेगा कार्यों में लगे वास्तविक श्रमिकों के सापेक्ष मस्टर रोल में अधिक नाम अंकित कर वित्तीय अनियमितता की गई है। साथ ही वित्तीय अनियमितता के लिए उत्तरदायी कार्मिकों के विरुद्ध भारत सरकार के निर्देशों के अनुसार नहीं की गई है।

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उपस्थिति के अनुश्रवण के लिए बीडीओ को बनाया गया है उत्तरदायी

17 जून 2022 द्वारा मनरेगा कार्यों में लगे श्रमिकों की उपस्थिति दर्ज कराने के लिए ग्राम स्तर पर महिला मेट, ग्राम रोजगार सेवक, पंचायत सचिव को उत्तरदायी बनाया गया है। उपस्थिति के अनुश्रवण के लिए विकास खंड स्तर पर कार्यक्रम अधिकारी, खंड विकास अधिकारी एवं अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी को उत्तरदायी बनाया गया है, लेकिन कार्यक्रम अधिकारी, खंड विकास अधिकारी, अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी ने पदीय दायित्वों का निर्वहन नहीं करते हुए ग्राम पंचायत मनरेगा कार्मिकों की दुरभिसंधि से वित्तीय अनियमितताएं की गई हैं। जिसके लिए कार्यक्रम अधिकारी, खंड विकास अधिकारी, अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी, पंचायत सचिव, तकनीकी सहायक, ग्राम रोजगार सेवक, महिला मेट एवं ग्राम प्रधान उत्तरदायी हैं। आयुक्त ग्राम्य विकास ने डीएम से पत्राचार कर कहा है कि बीडीओ बेलहर समेत अन्य संबंधितों के खिलाफ मनरेगा एक्ट में निहित निर्देशों के अनुसार कार्रवाई करने और 15 दिन के भीतर कृत कार्रवाई से ई-मेल पर अवगत कराएं।

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आयुक्त ग्राम्य विकास ने मनरेगा के मामले में अनियमतता पाए जाने पर बीडीओ बेलहर श्वेता वर्मा, एपीओ, पंचायत सचिव, तकनीकी सहायक, ग्राम रोजगार सेवक, महिला मेट एवं ग्राम प्रधान के खिलाफ कार्रवाई के लिए संस्तुति की है। मनरेगा एक्ट में प्रावधानित निर्देशों के अनुसार संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। निर्धारित समय सीमा में कार्रवाई से आयुक्त ग्राम्य विकास को अवगत भी कराया जाएगा।  

महेंद्र सिंह तंवर,

डीएम, संतकबीरनगर

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