धर्मांतरण के मामले में वांछित तीसरे आरोपी की अग्रिम जमानत अर्जी निरस्त।
संतकबीरनगर। शहर कोतवाली क्षेत्र के गरथवलिया गांव में धर्मांतरण के मामले में वांछित चल रहे तीसरे आरोपी की अग्रिम जमानत अर्जी को सत्र न्यायाधीश अनिल कुमार वर्मा- प्रथम ने आज सुनवाई के बाद निरस्त कर दिया। इसके पूर्व में भी दो अन्य आरोपियों की जमानत अर्जी को सत्र न्यायाधीश द्वारा निरस्त किया गया है।
जिला शासकीय अधिवक्ता विशाल श्रीवास्तव ने बताया कि खलीलाबाद क्षेत्र के गरथवलिया गांव के रहने वाले अमरनाथ शर्मा ने थाना खलीलाबाद में प्रार्थना पत्र दिया कि उनके गांव में नहर पुलिया के पास एक जगह रोड मकान में गांव के मोहित ,कमलेश और गुलरिहा सिरमा सिसवा जनपद बस्ती के श्रवण हिंदू धर्म की अनुसूचित जाति ,अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़े वर्ग की गरीब महिलाओं एवं पुरुषों को ईसाई धर्म में परिवर्तन करने के लिए लोभ लालच देकर एक प्रार्थना सभा में सम्मिलित किया जा रहा था। वहां पर श्रवण, मोहित एवं कमलेश तीनों प्रवचन देते हैं। यह लोग दूर-दूर से हिंदू धर्म की अनुसूचित जाति,अनुसूचित जनजाति एवं पिछड़े वर्ग की गरीब महिलाओं एवं पुरुषों को अपने यहां लोभ लालच देकर बुलाते हैं और उन्हें प्रलोभित करके हिंदू धर्म से ईसाई धर्म में परिवर्तन करते हैं। इनका एक बड़ा गिरोह है जो हिंदू धर्म से ईसाई धर्म में परिवर्तन कर रहा है ।इस प्रकार इन लोगों के द्वारा हिंदू धर्म का दुष्प्रचार कर हिंदू धर्म से ईसाई धर्म ग्रहण कराया जाता है ।
इस सूचना के आधार पर थाना खलीलाबाद में उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम के अंतर्गत मुकदमा पंजीकृत किया गया था। इसमें दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।आरोपी मोहित और श्रवण की जमानत पूर्व में सत्र न्यायाधीश ने निरस्त कर दी थी।
आरोपी कमलेश गिरफ्तार नहीं हुआ ।आरोपी कमलेश ने अपनी अग्रिम जमानत अर्जी सत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया । इसका जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी विशाल श्रीवास्तव ने जोरदार विरोध किया और तर्क दिए की इन लोगों के कृत्य से समाज में अस्थिरता की स्थिति उत्पन्न होती है और यह लोग सामाजिक व्यवस्था को छिन भिन्न करने का कार्य करते हैं ।
जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी के तर्क एवं मामले की गंभीरता को देखते हुए सत्र न्यायाधीश अनिल कुमार वर्मा- प्रथम ने आरोपी कमलेश की अग्रिम जमानत अर्जी निरस्त कर दिया।















