खाद्य सुरक्षा एवं औषधि विभाग ने शिकायत पर बखिरा क्षेत्र में जारी लाइसेंस को किया निरस्त
– प्रकरण संज्ञान में आने पर एसपी ने सीओ मेंहदावल को सौंपी जांच
संतकबीरनगर। जिले में फुटकर मीट विक्रय के लिए बिना एसपी की संस्तुति के ही सीधे चार थानों ने एनओसी दे दी। प्रकरण संज्ञान में आने के बाद एसपी ने सीओ मेंहदावल से जांच शुरू करा दी है। सोमवार को सीओ मेंहदावल कार्यालय का पुलिस कर्मी कलक्ट्रेट में संचालित खाद्य सुरक्षा एवं औषधि विभाग पहुंच कर अभिलेख जुटाए और पूरी प्रक्रिया की जानकारी जुटाई।
फुटकर मीट विक्रय के लाइसेंस के लिए खाद्य सुरक्षा औषधि विभाग के पोर्टल पर आवेदन करना होता है। इसके लिए पुलिस से अनापत्ति प्रमाणपत्र प्राप्त करने के बाद ही लाइसेंस जारी किया जाता है। लाइसेंस धारक आगरा और कानपुर आदि जगहों से मांस मंगाकर बिक्री करते हैं। पुलिस से अनापत्ति प्रमाणपत्र की जो प्रक्रिया है, उसमें पुलिस अधीक्षक कार्यालय से संबंधित सीओ कार्यालय को आवेदक का आवेदन पत्र भेजा जाता है, फिर सीओ के माध्यम से थाने पर जाता है। थाना स्तर से फिर सीओ कार्यालय भेजा जाता है और फिर सीओ के स्तर से एसपी कार्यालय भेजा जाता है। एसपी की संस्तुति के बाद ही अनापत्ति प्रमाणपत्र जारी किया जाता है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि विभाग से जिले में कुल नौ फुटकर मांस बिक्री का लाइसेंस जारी हुआ है। जिसमें दुधारा थाना क्षेत्र में पांच, धनघटा क्षेत्र में एक, महुली क्षेत्र में दो और बखिरा क्षेत्र में एक लाइसेंस जारी हुआ है। इसमें बगैर एसपी की संस्तुति के ही संबंधित थानों ने सीधे अनापत्ति प्रमाण पत्र दे दिया। वैसे बखिरा क्षेत्र में शिकायत आने पर कानून व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि विभाग ने जारी लाइसेंस को निरस्त कर दिया। इधर, मामला संज्ञान में आने के बाद एसपी ने सीओ मेंहदावल को जांच सौंप दी है। नियम तोड़कर अनापत्ति प्रमाणपत्र देने वाले थानों के जिम्मेदार पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई होने की चर्चा शुरू हो गई है।
दुधारा, धनघटा, महुली और बखिरा थाना स्तर से सीधे फुटकर मीट विक्रय के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र दिए जाने का मामला संज्ञान में आया है। प्रकरण की जांच सीओ मेंहदावल अंबरीष भदौरिया को सौंपी गई है। जांच रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
— सत्यजीत गुप्ता, एसपी
जिले में नौ फुटकर मीट विक्रय का लाइसेंस निर्गत किया गया है। इसमें बखिरा क्षेत्र में एक लाइसेंस जो निर्गत किया गया था। शिकायत मिलने पर उसे निरस्त कर दिया गया है।
जेपी तिवारी, अभिहित अधिकारी, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि विभाग















