डीआईजी बस्ती ने परिवार परामर्श केंद्रों की समीक्षा की: विवादों को मानवीय दृष्टि से सुलझाने पर जोर
बस्ती। डीआईजी बस्ती परिक्षेत्र संजीव त्यागी ने शनिवार को रेंज बस्ती के तीनों जनपदों के परिवार परामर्श केंद्रों के अधिकारियों, पर्यवेक्षण अधिकारियों और क्षेत्राधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। बैठक में परिवारिक विवादों के निस्तारण की प्रक्रिया को और प्रभावी बनाने के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश दिए गए।
डीआईजी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि पारिवारिक विवादों को केवल कानूनी नजरिए से न देखा जाए, बल्कि सामाजिक और मानवीय दृष्टिकोण अपनाया जाए। प्राथमिकता परिवारों को बिखरने से बचाने की होनी चाहिए। दोनों पक्षों की बातें पूर्ण धैर्य, संवेदनशीलता और निष्पक्षता के साथ सुनी जाएं। आपसी सहमति से अधिक से अधिक मामलों का समझौता (सेटलमेंट) सुनिश्चित किया जाए। घरेलू हिंसा के प्रकरणों में काउंसलर की विशेष सहायता ली जाए।
उन्होंने कहा कि सभी प्रकरणों में न्याय और निष्पक्षता सर्वोपरि हो। समझौता होने के बाद पीड़ित पक्ष से एसओपी के अनुसार फीडबैक अवश्य लिया जाए, ताकि प्रक्रिया की पारदर्शिता और प्रभावशीलता बनी रहे।
डीआईजी संजीव त्यागी ने कहा, “पुलिस का उद्देश्य केवल दंड देना नहीं, बल्कि समाज में शांति स्थापित करना और परिवारों में सामंजस्य बनाए रखना भी है। परिवार परामर्श केंद्र इसी दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।”
बैठक में बस्ती, संतकबीरनगर और सिद्धार्थनगर के परिवार परामर्श केंद्रों के प्रभारी, पर्यवेक्षण अधिकारी तथा क्षेत्राधिकारी उपस्थित रहे।















